Sunday, July 27, 2008

मैं अकेला हूँ !!!

मैं अकेला हूँ !!



लोगों के आस पास , थोड़ा खुश थोड़ा उदास

थोड़ा पाया थोड़ा खोया हुआ , थोड़ा हंसा थोड़ा रोया हुआ

जहाँ तनहाइयों की है भीड़ ऐसा मेला हूँ

मैं अकेला हूँ॥



समंदर है आँखों में मगर सिसकी लिए

लाख जज्बात हैं दिल में मगर किसके लिए

खोजता उस शख्स को ऐसा अलबेला हूँ

मैं अकेला हूँ॥



सोचता कुछ हूँ पर कहता कुछ हूँ

सहमे कदम , आँखें नम फिर भी खुश हूँ

ख़ुद में ही उलझा ख़ुद का झमेला हूँ

हाँ मैं अकेला हूँ॥